राष्ट्रपति मुर्मू रायपुर पहुंचीं, सेवा सम्मान पर्व में हुईं शामिल

रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचीं। यहां इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत की। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रवेश व्यवस्था को लेकर भी स्थिति सामने आई। ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू की गाड़ी कार्यक्रम स्थल से करीब 100 मीटर पहले रोक दी गई। उन्हें वीआईपी गेट से प्रवेश नहीं मिला, जिसके बाद वे पैदल दूसरे गेट से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। वहीं, विधायक संपत अग्रवाल को भी कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पहले रोक दिया गया। इसके बाद वे वापस लौट गए।

लोकभवन में जारी किया 200 रुपये का स्मारक सिक्का

इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में माता साहिब हासी देवी की स्मृति में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष और दूसरी तरफ शदाणी दरबार की पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की तस्वीर अंकित है। 35 ग्राम वजनी यह सिक्का चार धातुओं से मिलकर बना है। इसे ऑनलाइन बुक करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया राष्ट्रपति का सफर प्रेरणादायक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहले शिक्षिका रह चुकी हैं, इसलिए उन्हें युवाओं और विद्यार्थियों से संवाद करना पसंद है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का राष्ट्रपति का सफर सभी के लिए प्रेरणादायक है।

छत्तीसगढ़-ओडिशा के सांस्कृतिक रिश्तों का उल्लेख

विधायक पुरंदर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है। नुआखाई के अवसर पर लोगों को पारंपरिक पकवान अउरसा का स्वाद लेने का अवसर भी मिलेगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की पहचान धान के कटोरे के रूप में बताते हुए कहा कि यहां धान की पूजा की जाती है। प्रदेश में उत्पादित धान भगवान जगन्नाथ के भोग के लिए पुरी भी भेजा जाता है।