आज के बच्चे, कल का भविष्य: सेवा संकल्प से साकार हो रहा सुपोषित छत्तीसगढ़

रायपुर (UPI24 News)। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ की भावना जनभागीदारी और सेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच रही है। इस अभियान की एक अत्यंत सार्थक पहल ‘आंगन मिलन उत्सव’ के रूप में प्रदेश के गांवों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक जीवंत रूप में दिखाई दे रही है।

आंगन मिलन उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बच्चों के स्वस्थ वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का उत्सव बनकर उभरा है।

सेवा और सम्मान की अनूठी पहल

गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित इस उत्सव के दौरान महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का विशेष सम्मान किया जा रहा है। इसके साथ ही, बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर लाने में मुख्य भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्व-सहायता समूह की दीदियों को सम्मानित कर उनके सेवा-भाव की सराहना की जा रही है।

इस आयोजन में गांव के वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता इसे और अधिक आत्मीय बनाती है। अनुभवी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा माताओं और बच्चों को सुपोषण एवं स्वस्थ जीवन से जुड़े उपयोगी परामर्श दिए जा रहे हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सुपोषण की रंगोली

उत्सव में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अन्न के दानों से सुपोषण पर आधारित रंगोलियां बनाई जा रही हैं। यह रंगोली केवल एक कला नहीं, बल्कि यह सीधा संदेश देती है कि हमारे घरों और खेतों में मौजूद पौष्टिक अन्न ही स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव है। इसके अलावा, छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी सुपोषण का संदेश सहज और प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

अन्नप्राशन और गोद भराई से पोषण का संकल्प

आंगन मिलन उत्सव के तहत आयोजित:

  • अन्नप्राशन कार्यक्रम: नवजात शिशुओं के जीवन में सही पोषण की नई शुरुआत का प्रतीक बन रहा है।

  • गोद भराई कार्यक्रम: गर्भवती माताओं के मातृ स्वास्थ्य, उचित पोषण और आने वाली पीढ़ी की देखभाल के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का भाव जगा रहा है।

सुपोषित छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम

वास्तव में सुपोषण केवल भोजन की पर्याप्तता तक सीमित नहीं है; यह मां के बेहतर स्वास्थ्य, बच्चे के संपूर्ण पोषण, परिवार की जागरूकता और पूरे समाज की सहभागिता से जुड़ा एक व्यापक संकल्प है।

कुपोषण के विरुद्ध जागरूकता, मातृ-शिशु स्वास्थ्य की निरंतर देखभाल और सुपोषण की आदतों को बढ़ावा देना आने वाली पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा निवेश है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब एक सशक्त, स्वस्थ और सुपोषित भविष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

(लेख: ओम प्रकाश डहरिया, सहायक जनसंपर्क अधिकारी, रायपुर)