सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य: 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

नई दिल्ली / रायपुर (21 सितंबर 2026): देश भर में सब्सिडी वाले रसोई गैस (LPG) सिलेंडरों के वितरण को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने निर्देश जारी करते हुए 1 अक्टूबर 2026 से रियायती दरों पर LPG सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (Biometric Aadhaar Authentication – BAA) को अनिवार्य कर दिया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र और वास्तविक लाभार्थियों तक ही पहुंचे। बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए फर्जी कनेक्शनों और बिचौलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
1 अक्टूबर 2026 से लागू: जो उपभोक्ता रियायती (सब्सिडी) दर पर रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें अपनी संबंधित गैस एजेंसी के माध्यम से या तय प्रक्रिया के तहत बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कराना होगा।
पारदर्शिता में वृद्धि: बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा होने के बाद ही सब्सिडी का लाभ उपभोक्ता के खाते या बुकिंग पर जारी रहेगा।
बिना सब्सिडी वाले ग्राहक: यह नियम विशेष रूप से रियायती (सब्सिडी वाले) एलपीजी कनेक्शनधारियों के लिए प्रभावी किया जा रहा है।
गैस कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे 1 अक्टूबर की समयसीमा से पहले अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर अपना बायोमेट्रिक सत्यापन (e-KYC) पूरा करा लें, ताकि भविष्य में सिलेंडर बुकिंग और सब्सिडी प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।

