NEET पेपर लीक मामला: बिना किताब और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लीक हुआ पेपर, आरोपियों ने पहले ही रट लिए थे सवाल; बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए इस बार पेपर लीक करने के लिए किसी पारंपरिक तरीके या गैजेट का इस्तेमाल नहीं किया गया। परीक्षा केंद्र के भीतर सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि न तो कोई किताब बाहर आ सकी और न ही किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। इसके बावजूद पेपर लीक हो गया, क्योंकि आरोपी सवालों को पहले ही रट कर परीक्षा केंद्र पहुंचे थे।

सुरक्षा तंत्र को किया फेल, रट्टा मारकर पहुंचे थे आरोपी

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल के पीछे एक सोची-समझी साजिश थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र के चुनिंदा सवालों या पूरे सेट को लीक कर आरोपियों तक पहुंचा दिया गया था। इसके बाद उम्मीदवारों को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उन सवालों को पूरी तरह रटवा दिया गया। इस ‘मेमोरी-बेस्ड’ लीक के कारण परीक्षा केंद्र पर लगीं आधुनिक चेकिंग मशीनें और जैमर्स भी धरे के धरे रह गए, क्योंकि छात्र अपने दिमाग में ही पूरे सवाल लेकर अंदर चले गए थे।

हाई-टेक चेकिंग भी नहीं आई काम

गौरतलब है कि नीट परीक्षा में सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त गाइडलाइंस का पालन किया जाता है। बायोमेट्रिक हाजिरी से लेकर मेटल डिटेक्टर और गहन तलाशी के बाद ही छात्रों को एंट्री मिलती है। डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को चकमा देने के लिए इस बार ‘बिना डिवाइस और बिना किताब’ वाले इस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया गया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है।

जांच का दायरा बढ़ा, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

इस नए खुलासे के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और छात्रों को कहाँ पर इकट्ठा करके इन सवालों को रटवाया गया था। पुलिस और जांच दल कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं और जल्द ही इस रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने का दावा कर रहे हैं।

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