राजधानी रायपुर स्थित सालेम इंग्लिश स्कूल के प्रबंधन ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन एवं संस्थान की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से 28 शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले कई महीनों से कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों के कारण विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा था, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और संस्था की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।
प्रबंधन समिति के गठन का भी किया उल्लेख
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 29 सितंबर 2025 को रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी के आदेश को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी गई थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर जिला कलेक्टर रायपुर को प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रशासक द्वारा 27 मार्च 2026 को वैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनाव संपन्न कराए गए, जिसके बाद नई प्रबंधन समिति का गठन हुआ। वर्तमान समिति को संस्था के संचालन हेतु अधिकृत बताया गया है।
“कक्षाओं में पढ़ाई के बजाय मोबाइल और सोशल मीडिया में व्यस्त रहते थे कर्मचारी”
विद्यालय प्रबंधन ने दावा किया कि अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ शिक्षक नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य नहीं कर रहे थे। आरोप लगाया गया कि कई कर्मचारी पढ़ाई के समय मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया में व्यस्त रहते थे तथा निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं किया जा रहा था।
प्रबंधन के अनुसार, कुछ कर्मचारियों द्वारा विद्यालय प्रबंधन और संस्था के विरुद्ध भ्रामक एवं आधारहीन आरोप लगाकर अभिभावकों को गुमराह करने का प्रयास भी किया गया, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ।
सुधार के लिए दिए गए थे कई अवसर
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों को सुधार के लिए कई अवसर प्रदान किए गए। मौखिक निर्देश, लिखित मेमो, चेतावनी पत्र और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से संस्था के नियमों एवं सेवा आचरण का उल्लंघन जारी रहा।
प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के हित, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालय के अनुशासन को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी।
28 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
विद्यालय द्वारा जारी सूची में 22 शिक्षकीय एवं 6 गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के नाम शामिल हैं, जिन पर संस्था विरोधी गतिविधियों, अनुशासनहीनता एवं शैक्षणिक कार्य में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
CDBE की अन्य संस्थाओं से अपील
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) ने प्रदेश के अन्य विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं से भी अपील की है कि किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति से पहले संबंधित संस्था से सेवा रिकॉर्ड, आचरण विवरण एवं NOC अवश्य प्राप्त किया जाए। बोर्ड ने कहा कि बिना सत्यापन नियुक्ति करना भविष्य में संस्थागत व्यवस्था एवं शैक्षणिक वातावरण के लिए खतरा बन सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने का भी दावा
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि श्रीमती नीलिमा रॉबिनसन एवं श्री अजय जॉन द्वारा कथित एफआईआर के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत निरस्तीकरण याचिका को खारिज कर दिया गया। प्रबंधन ने इसे संस्था को बदनाम करने की कोशिश बताया है।
प्रबंधन का बयान
प्रबंधन ने अपने बयान में कहा—
“शिक्षा का मंदिर राजनीति, अराजकता और व्यक्तिगत स्वार्थ का स्थान नहीं हो सकता। जहाँ बच्चों का भविष्य दांव पर हो, वहाँ अनुशासन और शिक्षण गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग बनाए रखें।