बिलासपुर नगर निगम में हड़कंप: शाम ढलते ही कमिश्नर का सरप्राइज छापा, सीट से गायब मिले कर्मचारियों पर गिरी गाज

बिलासपुर। नगर पालिक निगम बिलासपुर के कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे इन दिनों फुल एक्शन मोड में हैं। बीते दिन शाम करीब 4:30 बजे जब दफ्तर बंद होने की तैयारी में था, तभी कमिश्नर अचानक विकास भवन स्थित निगम मुख्यालय जा पहुंचे। उनके इस औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) ने पूरे कार्यालय में हड़कंप मचा दिया। लापरवाही और फाइलों के अंबार को देख कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाते हुए कई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाने के निर्देश दिए हैं।

अपनी सीट से नदारद मिले कर्मचारी, थमाया नोटिस

कमिश्नर ने जैसे ही योजना शाखा में कदम रखा, वहां का नजारा देख भड़क गए। ड्यूटी का समय होने के बावजूद दो कर्मचारी अपनी सीट से गायब थे।

  • कार्रवाई: कमिश्नर ने इसे घोर अनुशासनहीनता माना और दोनों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने का आदेश दिया।

  • अल्टीमेटम: उन्होंने दो टूक कहा कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

पीएम आवास और भवन शाखा में फाइलों का ‘पहाड़’

कमिश्नर ने जब पीएम आवास और भवन शाखा की फाइलों को खंगाला, तो वहां भारी खामियां मिलीं:

  • हितग्राहियों के साथ खिलवाड़: पीएम आवास योजना के कई आवेदन लंबे समय से धूल फांक रहे थे। इस पर कमिश्नर ने जिम्मेदार क्लर्क को नोटिस जारी करते हुए सख्त हिदायत दी कि पात्र लोगों को योजना का लाभ देने में एक दिन की भी देरी नहीं होनी चाहिए।

  • भवन अनुज्ञा: भवन शाखा को निर्देश दिया गया कि भवन निर्माण की अनुमति से जुड़े प्रकरणों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर ही किया जाए।

आदेश की नाफरमानी पर स्टोर प्रभारी नपे

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पाया कि उनके पिछले आदेशों के बावजूद विभागों के बाहर सूचना पट्टिका (Signboards) नहीं लगाई गई हैं। इस लापरवाही के लिए उन्होंने सीधे स्टोर प्रभारी को जिम्मेदार ठहराते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

 “ऑफिस साफ तो काम भी साफ”

फाइलों के साथ-साथ कमिश्नर सर्वे ने ऑफिस की साफ-सफाई और फाइलों के पुराने रख-रखाव पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • दफ्तर का माहौल स्वच्छ और व्यवस्थित होना चाहिए।

  • फाइलों को इस तरह रखें कि ढूंढने में समय बर्बाद न हो और काम की रफ्तार बढ़े।

कमिश्नर का सख्त संदेश: “नगर निगम जनता की सुविधा के लिए है। अगर फाइलें पेंडिंग रहेंगी और कर्मचारी नदारद, तो जनता का भरोसा टूटेगा। यह निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, काम सुधार लें वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”

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