छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही देखने मंगलवार को सरेंडर कर चुके नक्सलियों का एक दल पहुंचा। इस दल में झीरम घाटी हमले के कथित मास्टरमाइंड चैतू के शामिल होने की जानकारी सामने आई। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सभी को दर्शक दीर्घा में बैठाया गया, जहां उन्होंने प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही देखी।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में हुए झीरम घाटी हमला ने प्रदेश की राजनीति को झकझोर दिया था। इस हमले में कई वरिष्ठ नेताओं और सुरक्षा कर्मियों की जान गई थी। चैतू का नाम इस घटना के प्रमुख साजिशकर्ताओं में लिया जाता रहा है। उसके सरेंडर के बाद पुनर्वास प्रक्रिया के तहत उसे मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की जा रही है।

इधर सदन के भीतर विपक्ष ने प्रभावित क्षेत्रों में अधूरे विकास कार्यों और पुनर्वास योजनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी सदस्यों ने सड़कों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्वीकृति शीघ्र देने की मांग उठाई। उनका कहना था कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों की गति अपेक्षित नहीं है।
वित्तमंत्री ने जवाब में कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी स्वीकृत कार्यों को पूरा कर रही है और बजट प्रावधान के अनुरूप राशि जारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज पर कार्य चल रहा है।

हालांकि, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित रही। बाद में सभापति के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही पुनः शुरू की गई।