5 OTT प्लेटफॉर्म ब्लॉक: आपत्तिजनक/अश्लील कंटेंट पर कार्रवाई, 7 महीने पहले 25 पर भी लगा था बैन

नई दिल्ली से रिपोर्ट | 

सरकार ने आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने के आरोप में 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसे कंटेंट की शिकायतें मिल रही थीं जो लागू आईटी नियमों और सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करते थे।

यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी कानून और इंटरमीडियरी गाइडलाइंस के तहत की गई है।

कार्रवाई क्यों हुई?

सूत्रों के मुताबिक:

  • प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील/अशोभनीय दृश्य

  • आयु-सीमा (Age Classification) का उल्लंघन

  • शिकायतों के बावजूद कंटेंट न हटाना

  • स्व-नियमन (Self-Regulation) तंत्र की विफलता

जांच के बाद संबंधित वेबसाइट/ऐप्स को इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) के जरिए ब्लॉक किया गया।

पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

करीब 7 महीने पहले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। उस समय भी आरोप था कि प्लेटफॉर्म्स ने डिजिटल पब्लिशिंग और आईटी नियमों का पालन नहीं किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार डिजिटल स्ट्रीमिंग स्पेस में अनुपालन (Compliance) को लेकर सख्त रुख अपना रही है।

कानूनी आधार

कार्रवाई आमतौर पर निम्न प्रावधानों के तहत की जाती है:

  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

  • आईटी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम

  • अश्लीलता और आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े प्रावधान

सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

उद्योग पर प्रभाव

इस कदम से:

  1. ओटीटी कंपनियों पर कंटेंट मॉडरेशन का दबाव बढ़ेगा

  2. स्व-नियामक संस्थाओं की भूमिका मजबूत हो सकती है

  3. छोटे प्लेटफॉर्म्स के लिए अनुपालन लागत बढ़ सकती है

हालांकि, कुछ डिजिटल अधिकार समूह इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संदर्भ में बहस का विषय बता रहे हैं।

आगे क्या?

सरकार ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।

ओटीटी कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे कंटेंट की समीक्षा प्रक्रिया मजबूत करें और शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाएं।

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