सुप्रीम कोर्ट का आदेश—बंगाल SIR लिस्ट 28 फरवरी तक प्रकाशित करें
नई दिल्ली/कोलकाता: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में लंबित SIR (Special Intensive Revision) सूची को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि संशोधित सूची 28 फरवरी तक प्रकाशित की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने बताया कि राज्य में लगभग 80 लाख दावों (क्लेम) का निपटारा लंबित है, जिससे प्रशासनिक बोझ बढ़ गया है। इस पर अदालत ने सुझाव दिया कि कार्य में तेजी लाने के लिए अन्य राज्यों के सिविल जजों की सहायता ली जाए।
कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां:
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लंबित दावों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता
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समयबद्ध तरीके से संशोधित SIR सूची प्रकाशित करने का निर्देश
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न्यायिक संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर
अदालत ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सूची का समय पर प्रकाशन आवश्यक है।
राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि वे समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करें। मामले की अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
इस आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज होने की संभावना है।
