शराब घोटाला: सौम्या की जमानत पर सुनवाई, ED को समय नहीं; 20 फरवरी से पहले जवाब दाखिल करने का निर्देश
नई दिल्ली/रायपुर
कथित शराब घोटाला मामले में आरोपी सौम्या की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि अधिक समय देने से सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समयसीमा प्रभावित हो सकती है।
अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में देरी स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए समयसीमा निर्धारित की है। ऐसे में एजेंसी को निर्धारित अवधि के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।
ED का पक्ष
- जमानत अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग
- मामले की जांच और दस्तावेजों के अध्ययन का हवाला
हालांकि अदालत ने विस्तृत समय देने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
अगला कदम
अदालत ने ED को 20 फरवरी से पहले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद जमानत याचिका पर विस्तृत बहस की संभावना है।
कानूनी महत्व
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केंद्रीय एजेंसी की जांच, उच्च न्यायालय की समयसीमा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश—तीनों जुड़े हुए हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि एजेंसी तय समय में अपना पक्ष किस तरह पेश करती है।
