रायपुर।
छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट 24 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए संकेत दिया कि इस बार का बजट सामाजिक सरोकारों और विकासोन्मुख योजनाओं पर केंद्रित रहेगा।
सरकार की प्राथमिकता सूची में महिलाएं, युवा और किसान शीर्ष पर बताए जा रहे हैं। साथ ही सामाजिक कल्याण योजनाओं और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की संभावना है।
बजट की प्रमुख संभावित दिशाएं
1️⃣ महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान
राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर फोकस कर सकती है।
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स्वयं सहायता समूहों (SHG) को प्रोत्साहन
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कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार
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पोषण और स्वास्थ्य योजनाओं के लिए अतिरिक्त आवंटन
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला केंद्रित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकती हैं।
2️⃣ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल
युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
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स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा
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आईटी और तकनीकी शिक्षा के लिए बजट आवंटन
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सरकारी भर्तियों में पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
राज्य में बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए रोजगार-उन्मुख बजट की अपेक्षा की जा रही है।
3️⃣ किसानों के लिए कृषि समर्थन
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई परियोजनाएं और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने वाले प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बजट में ग्रामीण विकास पर ठोस प्रावधान किए जाते हैं, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिल सकती है।
सामाजिक योजनाओं पर संभावित जोर
सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, पेंशन योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दे सकती है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में पूंजीगत व्यय बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मत है कि संतुलित बजट के लिए राजस्व संग्रह और व्यय प्रबंधन दोनों पर समान ध्यान देना आवश्यक होगा।
राजनीतिक और आर्थिक संदर्भ
आगामी बजट को सरकार की नीतिगत दिशा का संकेतक माना जा रहा है। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास और कल्याणकारी योजनाओं के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह बजट महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकार की प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति की झलक मिलेगी।
निष्कर्ष
24 फरवरी को पेश होने वाला छत्तीसगढ़ का बजट राज्य की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। महिलाओं, युवाओं और किसानों पर केंद्रित यह बजट विकास और कल्याण के संतुलन का परीक्षण भी होगा।
अब सभी की नजरें विधानसभा में पेश होने वाले बजट प्रस्ताव पर टिकी हैं, जहां राज्य की आगामी वित्तीय रूपरेखा सामने आएगी।