राज्य ब्यूरो।
अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि अवैध उत्खनन के कारण करीब 400 एकड़ कृषि भूमि बंजर हो चुकी है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
लीज एरिया के बाहर उत्खनन पर रोक
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लीज एरिया के बाहर किसी भी प्रकार का उत्खनन तत्काल प्रभाव से रोका जाए। न्यायालय ने कहा कि खनन गतिविधियां केवल निर्धारित और स्वीकृत क्षेत्र में ही संचालित की जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
खनिज विभाग के सचिव से शपथपत्र तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने खनिज विभाग के सचिव से शपथपत्र (अफिडेविट) प्रस्तुत करने को कहा है। शपथपत्र में यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं कि अवैध खनन को रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कार्ययोजना है।
पर्यावरण और किसानों पर असर
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अवैध खनन से न केवल कृषि भूमि को नुकसान हुआ है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय किसानों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अदालत ने प्रशासन को पर्यावरणीय क्षति का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी संकेत दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी, जहां विभागीय जवाब और कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।