गणतंत्र दिवस समारोह में भिलाई नगर निगम की स्वच्छता-आधारित झांकी को सभी ने सराहा
दुर्ग।
रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के जिला स्तरीय कार्यक्रम में नगरपालिक निगम भिलाई द्वारा अपने झांकी में प्रदर्शित स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक सहभागिता के संदेश को सभी ने सराहा। समारोह के मुख्य अतिथि तोखन साहू केंद्रीय राज्य मंत्री शहरी विकास विभाग, कार्य-मंत्रालय थे। समारोह में दुर्ग जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल , भिलाई नगरनिगम आयुक्त राजीव पांडेय सहित आलाधिकारी स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
यह झांकी केवल एक दृश्य प्रस्तुति न होकर, स्वच्छता के प्रति जागरूक सोच और सामूहिक संकल्प का सशक्त प्रतीक रही। झांकी के माध्यम से शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सफाई-मित्रों के योगदान को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित किया गया। प्रतिदिन शहर की सेवा में तत्पर ये कर्मशील योद्धा, सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ स्वच्छ भिलाई के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। झांकी ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ शहर की नींव स्वच्छ घर और स्वच्छ आसपास से ही रखी जाती है।
झांकी प्रदर्शन के दौरान भिलाई के स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोनल हेल्थ ऑफिसर हेमंत मांझी, पी आई यू अभिनव ठोकने, शुभम पाटनी उपस्थित थे। इस अवसर पर झांकी में भिलाई-दुर्ग शहर के लिए प्रस्तावित 150 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया। यह संयंत्र शिवनाथ नदी में मिलने वाले तेलहा नाला एवं कोसा नाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक उपचार किया जाएगा। उपचारित जल का उपयोग उद्योगों एवं सिंचाई जैसे उपयोगी कार्यों में किया जा सकेगा, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा शिवनाथ नदी की स्वच्छता और शुद्धता दीर्घकाल तक सुनिश्चित की जा सकेगी।

झांकी में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को भावनात्मक दृश्य के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। यह दिखाया गया कि लापरवाही से फेंका गया प्लास्टिक किस प्रकार पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए घातक सिद्ध होता है। इसके माध्यम से नागरिकों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का त्याग कर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की गई। साथ ही, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण का संदेश भी झांकी में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया। घर से ही कचरे को अलग-अलग करके स्वच्छता अभियान को अधिक प्रभावी और सफल बनाया जा सकता है।
