डॉलर में कमजोरी से रुपये को राहत, आयात महंगाई पर दबाव घटने की उम्मीद

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर के करीब चार महीने के निचले स्तर पर पहुंचने से भारतीय रुपये को राहत मिलती दिखाई दे रही है। हालिया कारोबारी सत्रों में रुपये की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया, जिससे अर्थव्यवस्था के लिए कुछ सकारात्मक संकेत उभरे हैं।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, डॉलर की कमजोरी का सीधा लाभ उन देशों को मिलता है जो आयात पर अधिक निर्भर हैं। भारत के मामले में कच्चा तेल, औद्योगिक कच्चा माल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों जैसे आयातित सामान की लागत पर दबाव कम होने की संभावना है। इससे आयात महंगाई में आंशिक राहत मिल सकती है।

रुपये में मजबूती से विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता का संकेत भी मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर डॉलर की कमजोरी बनी रहती है, तो रुपये को आगे भी समर्थन मिल सकता है। हालांकि, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, डॉलर के कमजोर होने से भारतीय मुद्रा को मिली यह राहत अल्पकालिक ही सही, लेकिन महंगाई नियंत्रण और बाहरी व्यापार संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।