रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू, IPS संजीव शुक्ला बने पहले पुलिस आयुक्त

रायपुर।

राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था को और अधिक सशक्त एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा रायपुर शहर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।

कानून व्यवस्था में तेज़ और प्रभावी निर्णय की व्यवस्था

पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अब शहर में कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय पुलिस स्तर पर ही लिए जा सकेंगे। इससे अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। यह प्रणाली महानगरों की तर्ज पर शहरी पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक मानी जा रही है।

16 आईपीएस अधिकारियों के तबादले

कमिश्नरी प्रणाली के साथ ही राज्य सरकार ने व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 16 आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। नए ढांचे के तहत रायपुर शहरी क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्तों की नियुक्ति की गई है, जिससे पुलिस प्रशासन को विकेंद्रीकृत और जवाबदेह बनाया जा सके।

डीसीपी स्तर तक संरचना मजबूत

रायपुर कमिश्नरी के अंतर्गत मध्य, पश्चिम, उत्तर, ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल तथा क्राइम-साइबर जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किए गए हैं। इससे साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था और संगठित अपराध पर बेहतर नियंत्रण की उम्मीद की जा रही है।

जनता को क्या होंगे फायदे

  • अपराधों पर तेज़ कार्रवाई और नियंत्रण
  • ट्रैफिक एवं शहरी सुरक्षा में सुधार
  • साइबर अपराधों की प्रभावी जांच
  • पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय
  • आम नागरिकों को त्वरित न्याय और सुरक्षा

राज्य के शहरी प्रशासन में नया अध्याय

रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली की शुरुआत को छत्तीसगढ़ के शहरी प्रशासन में एक नया अध्याय माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं, खासकर बढ़ती आबादी और शहरी चुनौतियों के बीच।