अरावली में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रोक के बावजूद जारी रहने पर नाराज़गी
अरावली पर्वत श्रृंखला में जारी अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रतिबंध के बावजूद खनन गतिविधियों का जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है और यह पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आदेशों की खुली अवहेलना है।
🌿 पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत ने अरावली क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने पर गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि अरावली न केवल जैव विविधता के लिए अहम है, बल्कि जल संरक्षण और जलवायु संतुलन में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
🚫 रोक के बावजूद खनन जारी
कोर्ट के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद कई स्थानों पर खनन गतिविधियाँ जारी हैं। अदालत ने इस पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
👥 एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) गठित करने का निर्देश दिया है। यह समिति अरावली क्षेत्र में खनन की स्थिति, पर्यावरणीय प्रभाव और नियमों के उल्लंघन की जांच कर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी।
🔍 आगे की कार्रवाई
कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही राज्यों और संबंधित विभागों को पर्यावरण संरक्षण कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
