अमेरिका में टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाज़ी से बाज़ार में हलचल

वॉशिंगटन।

अमेरिका में टैरिफ नीति और ग्रीनलैंड को लेकर आए हालिया बयानों ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है, जिसका असर शेयर बाजार, मुद्रा विनिमय और कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है।

अमेरिकी नेतृत्व की ओर से आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर सख्त रुख और व्यापार नीतियों में संभावित बदलाव के संकेत दिए गए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खासकर उन देशों के बाजारों में दबाव देखा गया है, जिनकी अर्थव्यवस्था अमेरिकी व्यापार पर काफी हद तक निर्भर है।

इसी बीच ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों ने भी कूटनीतिक और आर्थिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। रणनीतिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले ग्रीनलैंड को लेकर टिप्पणी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकते हैं, जिसका सीधा असर वैश्विक निवेश माहौल पर पड़ता है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अनिश्चित नीतिगत संकेतों के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव बढ़ा है, जबकि जोखिम वाले शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। डॉलर में मजबूती और कुछ उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव भी इसी का संकेत माना जा रहा है।

फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी प्रशासन के अगले कदमों और आधिकारिक नीति घोषणाओं पर टिकी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में स्पष्टता आने के बाद ही बाजार की दिशा तय हो पाएगी। तब तक वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बने रहने की संभावना जताई जा रही है।