द पायनियर ने ए.एन. द्विवेदी को छत्तीसगढ़ में हिंदी संस्करण के साथ अंग्रेज़ी संस्करण का भी संपादक नियुक्त किया
प्रकाशन के 160 बरस पूरे कर लिए हैं द पायनियर ने
रायपुर।
समाज में जागरूकता, सूचना और लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार तैयार कर देश में पत्रकारिता के मानदंड तय करने वाले और ख्यातिलब्ध द पायनियर समूह ने युवा पत्रकार, कॉलमिस्ट, राजनीतिक विश्लेषक तथा ब्यूरोक्रेसी की नब्ज पहचानने में दक्ष ए.एन. द्विवेदी को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से प्रकाशित अपने हिंदी संस्करण के साथ-साथ अब अंग्रेज़ी संस्करण का भी संपादक नियुक्त किया है।
बता दें “The Pioneer” भारत का एक प्रमुख समाचार पत्र है, जिसे अंग्रेज़ी में प्रकाशित होने वाला एक प्रभावशाली दैनिक अख़बार माना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1865 में हुई थी, और इसका प्रकाशन दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, रायपुर, हैदराबाद, राँची, देहरादून, भुवनेश्वर, फ़रीदाबाद सहित अन्य कई शहरों से होता रहा है। सन 2016 में The Pioneer समूह ने रायपुर में हिंदी संस्करण की शुरुआत की, ताकि हिंदी भाषी पाठकों को भी उच्च गुणवत्ता वाले समाचार और विश्लेषण उपलब्ध कराए जा सकें। लगभग 160 वर्ष की लंबी ऐतिहासिक यात्रा में संभवतः यह तीसरा अवसर है, जब एक ही व्यक्ति को दोनों भाषाओं के संस्करणों की जवाबदारी सौंपी गई है। इससे पहले समूह के संचालक डॉ. चंदन मित्रा जो पत्रकार के साथ- साथ राज्यसभा मेंबर भी रहे और शोबुरी गांगुली ने द्विभाषीय पत्र के संपादन का दायित्व निर्वहन किया है। प्रयोगधर्मिता और बेबाक विश्लेषण की इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाला पायनियर देश का अनूठा गौरवशाली समाचार पत्र है। इस प्रतिष्ठित पत्र के हिंदी संस्करण के संचालन में ए.एन. द्विवेदी का नाम संपादकीय क्षेत्र में तेजी से उभरकर सामने आया है।छत्तीसगढ़ से प्रकाशित पायनियर हिन्दी के संपादक के रूप में उन्होंने प्रशासनिक, सामाजिक और नीतिगत विषयों पर संवाद और विश्लेषण के माध्यम से महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी लेखन शैली में वह जीवटता और स्पष्टता दिखाई देती है, जिसे प्रशासनिक तंत्र के बीच एक रचनात्मक, सुधारोन्मुखी और जिम्मेदार संवाद के रूप में स्वीकार किया जाता है। सनसनी से दूर, स्वच्छ, ईमानदार और निर्भीक पत्रकारिता उनके कार्य की विशेष पहचान है। इसे देखते हुए संभवतः द्विवेदी को यह दोहरी जिम्मेदारी एक साथ दी गई है । एक ही संस्था में किसी एक व्यक्ति का हिंदी और अंग्रेज़ी—दोनों संस्करणों का नेतृत्व करना यह दर्शाता है कि द्विभाषी संपादक पाठकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है। उसके अनुभव और दृष्टि से खबरें अधिक सटीक, स्पष्ट और एकरूपता के साथ पाठकों तक पहुँचती हैं। यह भी माना जाता है कि भाषा के आधार पर भिन्न पाठक वर्गों को समान मानदंडों के साथ विश्वसनीय खबरें और विश्लेषण उपलब्ध होते हैं, जो अख़बार की विश्वसनीयता और पाठक संतुष्टि दोनों को मजबूत करता है। उनके नेतृत्व में समाज के विविध मुद्दों को दोनों भाषाओं में प्रभावशाली ढंग से उठाया जा सकेगा, जिससे लोकतांत्रिक संवाद और भी सशक्त होगा। The Pioneer जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र में संपादकीय दायित्व निभाना केवल एक पद नहीं, बल्कि एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसके माध्यम से सटीक सूचना, गंभीर विचार-विमर्श और संतुलित विश्लेषण को समाज तक पहुँचाया जा सकता है। ए.एन. द्विवेदी ने अपने कार्यों से इस भूमिका को महत्वपूर्ण आधार दिया है।
लगभग एक दशक से द्विवेदी हिंदी भाषी राज्य छत्तीसगढ़ में न सिर्फ संपादक के रूप में अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं, बल्कि उनका साप्ताहिक कॉलम ‘हलचल’ जनता के मुद्दों, प्रशासनिक व्यवहार, और नौकरशाही के कामकाज पर सटीक और तथ्याधारित विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसे रायपुर से लेकर बस्तर और सरगुजा तक गंभीरता से पढ़ा जाता है। ज़मीनी पत्रकारिता, संवाद कौशल, प्रसार प्रबंधन और मार्केटिंग की रणनीति में दक्षता उनकी पहचान को और मजबूत बनाती है।
पायनियर जैसे ऐतिहासिक संस्थान में दो भाषाओं का संपादक नियुक्त होना भले ही एक व्यक्तिगत उपलब्धि हो, लेकिन पत्रकारिता की इस ऐतिहासिक यात्रा में द्विवेदी द्वारा अर्जित यह मुकाम एक मील का पत्थर है—जो सतत कर्म, योग्यता और निष्ठा से ही प्राप्त होता है। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता में एक नया सूर्योदय होगा—जहाँ खबरें भाषा की सीमाओं से मुक्त होकर पाठकों को एक व्यापक सोच और रोमांचकारी अनुभव की दुनिया में लेकर जाएँगी।
