लालू परिवार ने 26 लाख में ली 4 करोड़ की जमीन

7 डील जो पूरे परिवार को जेल तक पहुंचा सकती हैं

पटना। राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर लालू प्रसाद यादव का परिवार गंभीर आरोपों के घेरे में है। जांच एजेंसियों के अनुसार, लालू परिवार से जुड़ी कंपनियों और परिजनों ने कथित तौर पर 26 लाख रुपये में ऐसी जमीन खरीदी, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यही नहीं, ऐसी कुल 7 संदिग्ध जमीन डील सामने आई हैं, जिन्हें अब मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी संपत्ति के मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

जांच रिपोर्टों के मुताबिक, ये जमीन सौदे सीधे तौर पर परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी निजी कंपनियों के नाम पर किए गए। आरोप है कि इन सौदों में जमीन की वास्तविक कीमत को बेहद कम दिखाया गया, ताकि अवैध धन को वैध संपत्ति में बदला जा सके।

26 लाख में 4 करोड़ की जमीन कैसे?

  • जमीन की सर्किल रेट और बाजार मूल्य में भारी अंतर
  • सौदे ऐसे समय पर किए गए जब जमीन की कीमत तेजी से बढ़ रही थी
  • भुगतान और दस्तावेजों में पारदर्शिता की कमी

जांच एजेंसियों का दावा है कि यही अंतर मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को मजबूत करता है।

7 डील जो बन सकती हैं जेल की वजह

सूत्रों के अनुसार, जिन 7 जमीन सौदों की जांच चल रही है, उनमें:

  1. कम कीमत पर जमीन की रजिस्ट्री
  2. परिवार से जुड़ी कंपनियों का इस्तेमाल
  3. आय से अधिक संपत्ति का संदेह
  4. बेनामी लेन-देन की आशंका
  5. टैक्स नियमों का संभावित उल्लंघन
  6. फर्जी दस्तावेजों के आरोप
  7. अवैध धन को संपत्ति में बदलने का शक

कानूनी खतरा कितना बड़ा?

यदि ये आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) और आयकर कानून के तहत जुर्माने के साथ लंबी जेल सजा का भी प्रावधान है। ऐसे में यह मामला केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि गंभीर कानूनी संकट बनता जा रहा है।

राजनीतिक असर भी तय

इस मामले का असर बिहार की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। विपक्ष पहले ही इसे “भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण” बता रहा है, जबकि परिवार की ओर से सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है।

फिलहाल, जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।