बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन को लेकर चर्चा तेज, मद्रास हाईकोर्ट ने सख्त कानूनों का दिया सुझाव
देश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी बीच मद्रास हाईकोर्ट ने इस विषय पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए सुझाव दिया है कि भारत में भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया को लेकर ऑस्ट्रेलिया जैसे सख्त कानून लागू किए जाने चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार और पढ़ाई पर साफ देखा जा सकता है। ऐसे में केवल जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी ढांचे के माध्यम से सख्त नियंत्रण जरूरी है।
मद्रास हाईकोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पैरेंटल कंट्रोल को अनिवार्य किया जाए, ताकि माता-पिता यह तय कर सकें कि उनके बच्चे कौन-सी डिजिटल सामग्री तक पहुंच बना रहे हैं। कोर्ट के अनुसार, तकनीक के इस दौर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा नीति-निर्माताओं, अभिभावकों और डिजिटल अधिकार विशेषज्ञों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर केंद्र सरकार स्तर पर ठोस दिशा-निर्देश या कानून बनाने की पहल हो सकती है।
यह बहस ऐसे समय में सामने आई है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का प्रभाव बच्चों और किशोरों के जीवन में लगातार बढ़ता जा रहा है।
