लोकसभा में VB-G RAM-G विधेयक पारित, ग्रामीण रोजगार प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली।

लोकसभा ने आज ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाने के उद्देश्य से VB-G RAM-G विधेयक को बहुमत से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्य योजनाओं को गति देने में सहायक होगा।

सरकार की ओर से विधेयक पर चर्चा के दौरान बताया गया कि मौजूदा ग्रामीण रोजगार ढांचे में कई प्रक्रियात्मक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियाँ थीं, जिन्हें दूर करने के लिए यह नया कानून लाया गया है। विधेयक के तहत ग्राम स्तर पर रोजगार योजनाओं की निगरानी को सुदृढ़ करने, डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान किए गए हैं।

विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में पंचायतों की भूमिका को मजबूत करना, स्थानीय संसाधनों पर आधारित कार्यों को प्राथमिकता देना तथा महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर विकसित होंगे और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा।

हालाँकि, विपक्ष ने इस विधेयक पर कड़ी आपत्ति जताई। विपक्षी दलों का आरोप है कि विधेयक में राज्यों की स्वायत्तता को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है और कुछ प्रावधानों से रोजगार की गारंटी कमजोर हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि केंद्र सरकार को पहले से चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार पर अधिक ध्यान देना चाहिए था।

सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि VB-G RAM-G विधेयक का उद्देश्य किसी भी तरह से रोजगार अधिकारों को सीमित करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी और लाभार्थी-केंद्रित बनाना है। सरकार के अनुसार, विधेयक लागू होने के बाद ग्रामीण रोजगार योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचेगा।

अब यह विधेयक आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि वहाँ से भी इसे मंजूरी मिलती है, तो ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जाएगी।