5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 1 करोड़ से अधिक नाम हटे
निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा समेत 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया के दौरान 1 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जो कुल मतदाता संख्या का लगभग 7.6 प्रतिशत बताया जा रहा है।
चुनाव आयोग के अनुसार यह कार्रवाई मृत मतदाताओं, स्थान परिवर्तन कर चुके लोगों, दोहरे पंजीकरण और अपात्र प्रविष्टियों को हटाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ड्राफ्ट सूची जारी करने का मकसद अंतिम सूची से पहले नागरिकों को अपने नाम की जांच और आवश्यक सुधार का अवसर देना है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद अब आपत्ति और दावे दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिन नागरिकों का नाम सूची से कट गया है या जिनके विवरण में त्रुटि है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी प्रविष्टि की स्वयं जांच करें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में समय रहते सुधार कराएं।
विशेषज्ञों के अनुसार मतदाता सूची का शुद्धिकरण चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आवश्यक है, हालांकि बड़ी संख्या में नाम हटने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस भी तेज हो सकती है। कुछ संगठनों ने यह मांग की है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से न कटे, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम वोटर लिस्ट सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि उसका लक्ष्य है कि हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।
