बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

रायपुर।
राज्य में बिजली आपूर्ति और बार-बार होने वाली कटौती को लेकर जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। हालिया बैठक/सत्र के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता, लोड प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था की विश्वसनीयता पर चर्चा हुई।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अनियमित कटौती से घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे उद्योगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से गर्मी और सिंचाई के मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन और उत्पादन पर असर पड़ता है। उन्होंने वितरण तंत्र के सुदृढ़ीकरण और समयबद्ध रखरखाव की मांग की।

इसके जवाब में संबंधित विभाग ने बताया कि मांग–आपूर्ति संतुलन, ट्रांसमिशन क्षमता और तकनीकी कारणों के चलते कुछ क्षेत्रों में अस्थायी कटौती की स्थिति बनी। विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फीडर सुधार, ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि और वैकल्पिक आपूर्ति योजनाओं पर काम तेज किया जा रहा है।

साथ ही, स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने जैसे उपायों पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्राथमिकता यह है कि आवश्यक सेवाओं और कृषि उपभोक्ताओं को न्यूनतम व्यवधान हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, दीर्घकालिक समाधान के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण और मांग प्रबंधन पर निरंतर ध्यान आवश्यक है, ताकि भविष्य में कटौती की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

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