प्रतिबंधित माओवादी संगठन का वरिष्ठ सदस्य रामधर माज्जी ने सरेंडर किया
खैरागढ़ (दुर्ग) में 11 अन्य नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण; ₹1 करोड़ का इनामी, माओवादी शीर्ष नेतृत्व को बड़ा झटका
छत्तीसगढ़ के दुर्ग संभाग के खैरागढ़ में आज प्रतिबंधित माओवादी संगठन के वरिष्ठ सदस्य रामधर माज्जी ने आत्मसमर्पण किया। माज्जी के साथ 11 अन्य नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
₹1 करोड़ का इनामी, माओवादी कमेटी में ऊंचा दर्जा
माज्जी पर लगभग ₹1 करोड़ का इनाम घोषित था।
कई मीडिया रिपोर्टों (India TV News, Live Hindustan, Navbharat Times, The Indian Express) के अनुसार,
वह माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति (Central Committee Member – CCM) के रूप में कार्यरत था, जो नेतृत्व स्तर की भूमिका मानी जाती है।
सरेंडर से नेतृत्व कमजोर
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि इस सरेंडर से क्षेत्र में माओवादी नेतृत्व की स्थिति कमजोर होगी।
विशेष रूप से उच्च स्तरीय रणनीति, संपर्क और लॉजिस्टिक्स पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है।
रणनीतिक लाभ
विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना तीन मुख्य संकेत देती है:
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सुरक्षा एजेंसियों का दबाव बढ़ रहा है
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संगठन के अंदर मनोबल प्रभावित हो रहा है
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शीर्ष नेतृत्व में विश्वास की कमी दिख रही है
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत लाभ और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि
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सर्च ऑपरेशन्स
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सामुदायिक संपर्क
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और खुफिया निगरानी
अब भी जारी रहेगी।
निष्कर्ष:
₹1 करोड़ के इनामी रामधर माज्जी सहित 11 नक्सलियों का आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ में माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह स्थिति नेतृत्व को कमजोर करती है और भविष्य के अभियानों के लिए रणनीतिक लाभ प्रदान करती है।
