भारत में AI और टेक निवेश में तेजी, बड़े कॉर्पोरेट्स ने भविष्य पर दांव लगाया

नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025 — वैश्विक टेक कंपनियां भारत में निवेश को मजबूत कर रही हैं। दो बड़े घोषणाओं ने बाजार में सकारात्मक संकेत भेजे हैं:
NTT DATA Inc. ने 1.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश वर्ष 2027 तक करने का निर्णय लिया है, जबकि Amazon India 12.7 अरब डॉलर के क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेगी।

NTT DATA का दृष्टिकोण: “AI बस्ट, फिर बड़ा उछाल”

NTT DATA ने कहा कि मौजूदा समय को “AI बस्ट… जिसके बाद एक बड़े उछाल की उम्मीद” के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी के अनुसार:

  • अभी निवेश और उत्पादकता में ठहराव दिखाई दे सकता है

  • लेकिन आने वाले वर्षों में AI की मांग और उपयोग तेजी से बढ़ेगा

  • वैश्विक तथा भारतीय बाजार दोनों में दमदार रिकवरी संभव है

कंपनी भारत में टेक सेवाओं, डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड और डिजिटल समाधानों पर ध्यान देगी।

Amazon India का फोकस: छोटे व्यवसायों तक AI पहुंचाना

Amazon India ने 12.7 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा करते हुए कहा कि लक्ष्य है:

  • भारत में क्लाउड और AI क्षमता बढ़ाना

  • 1.5 करोड़ छोटे व्यवसायों को AI टूल्स उपलब्ध कराना

  • डिजिटल कॉमर्स, सप्लाई-चेन, लॉजिस्टिक्स, पेमेंट्स और मार्केटिंग को मजबूत करना

Amazon का मानना है कि छोटे उद्यमों को AI देने से उत्पादकता, बिक्री और रोजगार बढ़ेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निवेश?

विशेषज्ञों के अनुसार, ये निवेश संदेश देते हैं कि भारत:

  • AI इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख बाजार बन रहा है

  • डिजिटल सेवाओं और ऑटोमेशन की मांग तेजी से बढ़ रही है

  • वैश्विक टेक कंपनियों के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक केंद्र बन चुका है

छात्रों और पेशेवरों के लिए संकेत

AI, डिजिटल मार्केटिंग, टेक सेवाएं और क्लाउड कौशल की मांग बढ़ने की संभावना है।
इसके परिणामस्वरूप:

  • नए नौकरी-रोल उभरेंगे

  • रिस्किलिंग और अपस्किलिंग जरूरी होगी

  • उत्पादकता-आधारित करियर अवसर बढ़ेंगे

इस प्रवृत्ति में आपका रुचि-क्षेत्र — AI, मार्केटिंग, व्यक्तिगत कौशल विकास — सीधे तौर पर लाभान्वित हो सकता है।

निष्कर्ष

भले ही अल्पावधि में बाजार में उतार-चढ़ाव या अनिश्चितताएं दिखें, परन्तु दिशा स्पष्ट है:
भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
बड़े निवेश, नीति समर्थन और तेजी से बढ़ते डिजिटल उपभोक्ताओं के कारण आने वाले वर्षों में AI-आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होने की संभावना है।