अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: याचिका खारिज, दर्ज FIR वाले सभी मामलों में करनी होगी कानूनी प्रक्रिया का सामना; 26 दिन से फरार

सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इनकार। राज्य में कई थानों में दर्ज मामलों पर अब आगे बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई।

नई दिल्ली | लीगल अपडेट

छत्तीसगढ़ के अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से किसी भी तरह की अंतरिम राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। इसका मतलब है कि जिन-जिन जिलों में उनके खिलाफ FIR दर्ज है, वहां की संबंधित पुलिस और अदालतों के समक्ष अब उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

सुनवाई के दौरान जज ने स्पष्ट किया कि

  • कोर्ट सीधे गिरफ्तारी पर रोक या blanket protection नहीं दे सकता।

  • आरोपी को उसी राज्य की अदालतों में जाकर राहत मांगनी चाहिए, जहां मामले दर्ज हैं।

  • FIR रद्द करने जैसी मांगें प्राथमिक अदालतों में की जानी चाहिए।

याचिका में अमित बघेल ने गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।

कई FIR दर्ज, अब हर जगह करनी होगी पेशी

अमित बघेल के खिलाफ राज्य के कई थानों में

  • धोखाधड़ी

  • धमकी

  • आर्थिक अपराध

  • अन्य आरोपों के तहत
    FIR दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब संबंधित पुलिस कार्रवाई तेज कर सकती है।

पुलिस अब उन्हें प्रोडक्शन वारंट, गिरफ्तारी या कोर्ट नोटिस के माध्यम से प्रक्रिया में ला सकती है।

26 दिन से फरार, तलाश तेज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमित बघेल

  • नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए

  • कई बार दिए गए कॉल व समन पर प्रतिक्रिया नहीं दी

  • संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई लेकिन वे नहीं मिले

सूत्रों का कहना है कि अब पुलिस गैर-जमानती वारंट (NBW) और आगे आवश्यक कानूनी कदम उठा सकती है।