शराब–DMF घोटाला: 8 जिलों के 19 ठिकानों पर EOW के छापे, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज बरामद
छत्तीसगढ़ में कथित शराब और जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले की जांच तेजी पकड़ चुकी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज सुबह राज्य के 8 जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अधिकारियों को करोड़ों रुपए मूल्य की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, जमीन की रजिस्ट्री और संदिग्ध लेनदेन के कागजात मिले हैं।
सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, EOW की टीमों ने दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, जशपुर, कवर्धा और रायगढ़ सहित कई जिलों में छापे मारे।
कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि स्थानीय पुलिस को भी अंतिम क्षण तक जानकारी नहीं थी।
करोड़ों की अघोषित संपत्ति के संकेत
प्रारंभिक जांच में टीमों को मिला:
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जमीन और प्लॉट की हाई-वैल्यू रजिस्ट्री
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लाखों–करोड़ों रुपए के संदिग्ध बैंक लेनदेन
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बेहिसाबी संपत्ति के कागजात
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शराब लॉबी से जुड़े कथित फंड फ्लो के रिकॉर्ड
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DMF से संबंधित भुगतान और अनुमोदन के दस्तावेज
अधिकारियों का मानना है कि यह दस्तावेज घोटाले के पैमाने और नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
किन लोगों पर कार्रवाई?
छापे उन व्यक्तियों पर केंद्रित रहे जो:
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शराब कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं
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DMF अनुमोदन प्रक्रियाओं में प्रभाव रखते थे
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और कथित रूप से वित्तीय अनियमितता में शामिल रहे हैं
हालांकि EOW ने अभी तक किसी का आधिकारिक नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
घोटाले का दायरा बड़ा
जांच एजेंसियों के अनुसार,
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शराब की बिक्री,
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मुनाफे के वितरण,
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DMF फंड के उपयोग,
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और ठेके से जुड़े कुछ निर्णय
गंभीर अनियमितता के दायरे में आए हैं।
DMF फंड खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए होता है। आरोप है कि करोड़ों रुपए योजनाओं से हटाकर अन्य चैनलों में प्रवाहित किए गए।
कई डिजिटल उपकरण जब्त
टीमों ने कई जगहों से:
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लैपटॉप
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हार्ड डिस्क
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मोबाइल
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पेन ड्राइव
जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
डिजिटल रिकवरी से बड़े वित्तीय नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है।
EOW बोले—जांच तेज की जाएगी
अधिकारियों ने कहा कि छापों में मिले रिकॉर्ड संदिग्ध लेनदेन की कड़ी को और मजबूत करते हैं। आवश्यक होने पर आने वाले दिनों में और भी छापे पड़ सकते हैं।
आगे क्या?
मिली संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद:
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संपत्ति सील करने,
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प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट में केस दर्ज करने,
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और गिरफ्तारियों
की संभावना जताई जा रही है।
