दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में बरकरार: प्रदूषण स्तरों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं, हेल्थ-एडवाइजरी प्रोटोकॉल सक्रिय
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता एक बार फिर Very Poor क्लस्टर में स्थिर बनी हुई है, जिससे क्षेत्रीय पर्यावरण नियंत्रण एजेंसियों और स्वास्थ्य प्राधिकरणों के लिए operational alerts और intensified monitoring अनिवार्य हो गए हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के कई स्टेशनों पर readings लगातार ऊँचे स्तर पर दर्ज की जा रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि प्रदूषण का pressure pattern अभी subsiding phase में नहीं पहुंचा है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) दोनों ने यह इनपुट दिया है कि stagnant winds, particulate concentration build-up, और regional emissions vector—तीनों मिलकर इस deterioration को driving कर रहे हैं। इसके चलते PM2.5 और PM10 दोनों की मात्रा स्वास्थ्य-संवेदनशील सीमा से ऊपर बनी हुई है।
प्रशासन ने precautionary health advisory framework सक्रिय कर दिया है। उच्च जोखिम श्रेणी—वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों, दमा और हृदय रोगियों—को outdoor exposure न्यूनतम रखने की सलाह दी गई है। स्कूल, अस्पताल और कॉर्पोरेट संस्थानों को internal air-filtration और ventilation optimization पर जोर देने के निर्देश जारी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बारिश या तेज़ हवाओं जैसे natural dispersion factors के अभाव में प्रदूषण का यह phase कुछ और दिनों तक persistent रह सकता है। साथ ही, NCR के आसपास के इलाकों से आने वाला regional pollution inflow भी AQI trajectory पर प्रभाव डाल रहा है।
एजेंसियाँ फिलहाल vehicle-emission enforcement, construction-dust control, और hotspot mapping जैसे multi-point actions पर फोकस कर रही हैं, ताकि एयर-क्वालिटी deterioration को कम किया जा सके।
