दिल्ली धमाके से पूर्व रिकॉर्ड किया गया वीडियो surfaced: आतंकी डॉ. उमर ने कहा—“सुसाइड बॉम्बिंग शहादत का मिशन”; जांच एजेंसियों ने ड्रोन-अटैक मॉड्यूल की भी साजिश डिकोड की
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में एक महत्वपूर्ण इनपुट surfaced हुआ है, जिसमें आतंकी डॉ. उमर का एक वीडियो सामने आया है। यह क्लिप दिल्ली धमाके से ठीक पहले रिकॉर्ड की गई बताई जा रही है, जिसमें उमर स्पष्ट रूप से “सुसाइड बॉम्बिंग शहादत का मिशन” जैसे शब्दों का उपयोग करता प्रतीत होता है। एजेंसियों का कहना है कि यह फुटेज उसके रेडिकलाइज्ड माइंडसेट और मिशन-ओरिएंटेड इंटेंट को validate करता है।
प्राथमिक जांच में यह भी उजागर हुआ है कि उमर और उसकी मॉड्यूल टीम केवल IED-आधारित हमले तक सीमित नहीं थी, बल्कि समूह ड्रोन-बेस्ड अटैक मॉडल पर भी काम कर रहा था। ड्रोन के माध्यम से विस्फोटक payload delivery, surveillance routes और हाई-वैल्यू लोकेशंस की मैपिंग जैसे कई ऑपरेशनल inputs recovery में मिले हैं।
इंटेलिजेंस अधिकारियों का कहना है कि यह मॉड्यूल multi-layered operational capability विकसित कर रहा था—जिसमें ग्राउंड-लेवल एक्टिविस्ट, लॉजिस्टिक सपोर्ट, डिजिटल कम्युनिकेशन चैनल और ड्रोन हैंडलिंग ट्रैक शामिल थे। वीडियो के सामने आने से अब एजेंसियों को मॉड्यूल की intent-structure, radical narrative building और execution readiness को decode करने में critical leverage मिल रहा है।
जांच तंत्र ने वीडियो और recovered evidence को एक consolidated forensic-intelligence workflow में integrate कर दिया है ताकि नेटवर्क के शेष तत्वों की पहचान, फंडिंग चैनलों का ट्रेसबैक और sleeper units की संभावित एक्टिवेशन-लूप का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, इस केस ने urban-centric आतंकी मॉड्यूल्स के evolving threat-pattern की एक स्पष्ट झलक दी है, जिसके आधार पर आने वाले समय में counter-terror architecture को और fortified किया जाएगा।
