धमतरी: शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर स्टेटस डालने वाले शिक्षक निलंबित, सोशल मीडिया पर प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक स्थित नारी प्राइमरी स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक ढालू राम साहू को शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करने पर विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा। शिक्षक ने अपने WhatsApp स्टेटस में स्कूल में लगातार बनी किताबों की कमी और कमजोर अकादमिक वातावरण को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए थे।
घटना का संदर्भ
शिक्षक ने स्टेटस में उल्लेख किया था कि “अभी तक बच्चों को पूरी पुस्तक नहीं मिल पाई है, इसका जिम्मेदार कौन है? जब तक किताबें उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक संबंधित अधिकारियों और शिक्षा मंत्री का वेतन रोका जाना चाहिए।”
साथ ही उन्होंने मौजूदा शिक्षा प्रणाली को “दुर्दशाग्रस्त” बताते हुए कहा कि नेता सिर्फ “पार्टी हित” में सोचते हैं।
विभागीय कार्रवाई
शिक्षक के स्टेटस का स्क्रीनशॉट किसी व्यक्ति द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल को भेजा गया। इसके बाद विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जनता की प्रतिक्रिया
घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग प्रशासनिक रुख पर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने शिक्षक की निष्पक्षता और बच्चों के हित में आवाज उठाने की सराहना की है।
उभरते सवाल
यह पूरा प्रकरण शिक्षा विभाग की संवेदनशीलता, बच्चों को मिलने वाली बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षकों के अभिव्यक्ति संबंधी अधिकारों पर व्यापक सार्वजनिक विमर्श को ट्रिगर कर रहा है।
