1 अगस्त से कलेक्टोरेट के सभी विभाग होंगे पूरी तरह ऑनलाइन, अधिकारियों-कर्मचारियों को मिल रही विशेष ट्रेनिंग
अब कलेक्टोरेट के हर सरकारी विभाग में सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से होंगे। इस दिशा में 54 विभागों में डिजिटल प्रक्रिया की शुरुआत की जा रही है। इसी के तहत कलेक्टोरेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के टॉप फ्लोर पर बने बीपीओ सेंटर में रोजाना अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑनलाइन वर्क ट्रेनिंग दी जा रही है।
यहां हर दिन सरकारी स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और विभिन्न विभागों के अधिकारी–कर्मचारी 25-25 के बैच में शामिल हो रहे हैं। सुबह 10 बजे से शुरू होकर दिनभर चलने वाली इस ट्रेनिंग में हर बैच को कम से कम एक घंटे की ऑन-हैंड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जा रही है।
“प्रोजेक्ट दक्ष” के तहत चल रही डिजिटल ट्रेनिंग
प्रदेश सरकार की ओर से शुरू किए गए प्रोजेक्ट दक्ष के अंतर्गत सभी विभागों को डिजिटल वर्क कल्चर से जोड़ा जा रहा है। 1 अगस्त से सभी फाइल और नोटशीट की प्रक्रिया पूरी तरह मैनुअल के बजाय ऑनलाइन होगी। इससे किसी भी आदेश को एक ही दिन में जारी करना संभव हो सकेगा।
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, परीक्षा और सर्टिफिकेट भी
मास्टर ट्रेनर्स की टीम द्वारा प्रतिभागियों को कंप्यूटर, मोबाइल ऑपरेशन, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट, ईमेल और एमएस ऑफिस जैसे विषयों की ट्रेनिंग दी जा रही है।
ट्रेनिंग के बाद एक मूल्यांकन परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जबकि अन्य को अतिरिक्त सेशन में प्रशिक्षित किया जाएगा।
कलेक्टर ने किया स्पष्ट—प्रशिक्षण अनिवार्य
प्रशिक्षण को लेकर कलेक्टर द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण में भाग लें। इसमें कोई भी बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीपीओ सेंटर में चल रही गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रत्येक विभाग के प्रशिक्षण प्रतिभागियों का डेटा भी संकलित किया जा रहा है।
