सरकार ने हटाई अमिताभ बच्चन की साइबर फ्रॉड कॉलर ट्यून, लोगों को मिली राहत
अब किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, OTP, KYC या अन्य निजी जानकारी देने से पहले आपको 40 सेकंड लंबा वॉइस मैसेज नहीं सुनना पड़ेगा। सरकार ने साइबर फ्रॉड से जुड़ी कॉलर ट्यून, जिसमें अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज थी, को पूरी तरह बंद कर दिया है।
सितंबर 2024 में शुरू हुई थी कॉलर ट्यून
इस कॉलर ट्यून की शुरुआत सितंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को जागरूक करना था। इसमें अमिताभ बच्चन लोगों को फर्जी कॉल्स, अनजान लिंक्स और OTP शेयर करने से बचने की सलाह देते सुनाई देते थे।
इमरजेंसी कॉल्स में हो रही थी दिक्कत
हालांकि शुरुआत में इस पहल की सराहना हुई, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को यह कॉलर ट्यून परेशान करने लगी। खासकर इमरजेंसी कॉल्स के दौरान 40 सेकंड का इंतजार लोगों के लिए मुश्किल बन गया। इस पर कई शिकायतें दर्ज हुईं और सोशल मीडिया पर भी व्यापक नाराजगी देखने को मिली।
मंत्री और जनता ने जताई असहमति
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी हाल ही में इंदौर में कहा था कि वे स्वयं इस कॉलर ट्यून से परेशान हो चुके हैं। कई यूजर्स ने RTI दाखिल कर इसके औचित्य पर सवाल उठाए थे।
सरकार ने पहले इसकी फ्रीक्वेंसी कम की, फिर इमरजेंसी कॉल्स में इसे हटाया और अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया है।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना
इस कॉलर ट्यून के चलते अमिताभ बच्चन को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। एक यूजर ने X (पूर्व ट्विटर) पर कमेंट किया – “तो कॉल पर बोलना बंद करो भाई।” जिस पर अमिताभ ने जवाब दिया – “सरकार को बोलो भाई, उन्होंने हमसे कहा सो किया।”
पहले भी हो चुका है विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब अमिताभ बच्चन की आवाज वाली कॉलर ट्यून विवाद में आई हो। कोविड-19 के दौरान भी उनकी आवाज में मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह दी जाती थी। उस समय उनके संक्रमित होने के बाद भी इसी तरह की आलोचना और कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
कॉलर ट्यून क्यों होती है प्रभावी?
कॉलर ट्यून को ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में जागरूकता फैलाने का असरदार माध्यम माना जाता है, जहां इंटरनेट या टीवी की पहुंच सीमित होती है। लेकिन जब एक ही संदेश लंबे समय तक बार-बार सुना जाए, तो यह झुंझलाहट का कारण बन सकता है – जैसा कि हालिया मामलों में देखने को मिला।
साइबर ठगी से बचने की सलाह
हालांकि कॉलर ट्यून बंद कर दी गई है, लेकिन साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है:
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कभी भी किसी को अपना OTP, बैंक विवरण, पासवर्ड या KYC जानकारी न दें।
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साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
