स्वच्छ रायपुर की ओर बड़ा कदम: हर जोन में RRR सेंटर, प्लास्टिक पर प्रतिबंध

इंदौर के दो दिवसीय अध्ययन दौरे से लौटने के बाद रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने बताया कि इंदौर मॉडल को अपनाकर रायपुर शहर में स्वच्छता और नगरीय विकास को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रायपुर के सभी 10 जोनों में RRR (रीसायकल, रिड्यूस, रीयूज) सेंटर खोले जाएंगे और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी प्रतिबंध लगाया जाएगा।

रायपुर में भी लागू होंगे इंदौर जैसे स्वच्छता नवाचार

महापौर ने कहा कि रायपुर में इंदौर की तर्ज पर आधुनिक और स्थायी स्वच्छता व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी, जिसमें शामिल हैं:

  • सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध

  • 10 जोनों में RRR सेंटर की स्थापना, जहां नागरिक अनुपयोगी वस्तुएं (कपड़े, किताबें, खिलौने, बर्तन आदि) दान कर सकेंगे, जिन्हें जरूरतमंदों को वितरित किया जाएगा।

  • बर्तन बैंक की स्थापना – प्लास्टिक की जगह पुन: उपयोग योग्य बर्तनों को बढ़ावा मिलेगा।

  • जन जागरूकता अभियान – एनजीओ के माध्यम से आमजन को कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक उपयोग के प्रति संवेदनशील किया जाएगा।

निगरानी के लिए तकनीक और टास्क फोर्स

स्वच्छता कार्यों की निगरानी के लिए 20 सदस्यों की विशेष टीम बनाई जाएगी, जिसमें डिप्टी इंजीनियर की निगरानी में सफाई वाहनों की ट्रैकिंग और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था होगी। साथ ही कंपनी के मॉनिटरिंग सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा।

इंदौर मॉडल की प्रमुख विशेषताएं, जो रायपुर में लागू होंगी:

  • 6 बिन सेग्रीगेशन मॉडल: कचरे को छह श्रेणियों में बांटकर संग्रहण की व्यवस्था।

  • आत्मनिर्भर वार्ड: प्रत्येक वार्ड स्वयं कचरे का प्रोसेसिंग और रिसाइकलिंग करेगा।

  • कवर्ड नालियां: जिससे जलजमाव और कचरे की समस्या न हो।

  • टेक्सटाइल रिसाइकलिंग: कपड़े की कतरनों को भी रिसाइकल करने की व्यवस्था।

निगम करेगा स्वयं कचरा प्रबंधन

रायपुर नगर निगम अब कचरा प्रबंधन का पूरा कार्य अपने संसाधनों से करेगा। इसमें वाहन, सॉफ्टवेयर, कर्मचारियों और निगरानी प्रणाली पर निगम का स्वामित्व होगा। इससे सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी और लागत में भी कमी आएगी।

वार्ड वाइज विकास का खाका तैयार

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर नगर निगम द्वारा प्रत्येक वार्ड के लिए विस्तृत नक्शा तैयार किया जा रहा है। इसमें सार्वजनिक सुविधाओं, सड़कों, नालों, स्ट्रीट लाइट, तालाब, शासकीय भवनों और अवैध कॉलोनियों का ब्यौरा होगा। यह नक्शा आने वाले समय में वार्ड विकास योजना और सिटी डेवलपमेंट प्लान का आधार बनेगा।

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