फर्जी दस्तावेजों पर रह रहे विदेशी घुसपैठियों का भंडाफोड़ , मकान मालिक रहें सतर्क वरना होगी जेल
छत्तीसगढ़ के कई शहरों में अवैध रूप से बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या नागरिक घुसपैठ कर बस गए हैं। ये लोग फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे मकान किराए पर लेकर रह रहे हैं। अब राज्य सरकार ने इस पर बड़ा कदम उठाया है। सभी जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाई गई है, जो इन विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें होल्डिंग सेंटर भेजने का काम कर रही है।
यदि किसी मकान मालिक ने जानबूझकर या अनजाने में ऐसे घुसपैठियों को किराए पर रखा है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाल के बड़े मामले:
केस 1: रायपुर में तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार
रायपुर के टिकरापारा में रह रहे तीन बांग्लादेशी भाई मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुए। उनके पास फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज पाए गए। ये लोग विदेश भागने की फिराक में थे।
केस 2: रायगढ़ में पाकिस्तानी भाई-बहन पर कार्रवाई
दो पाकिस्तानी नागरिकों के पास वैध पासपोर्ट और वीजा था, लेकिन उन्होंने फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनवा लिया था। इस पर केस दर्ज किया गया।
केस 3: भिलाई में बांग्लादेशी दंपति पकड़े गए
सुपेला क्षेत्र में नाम बदलकर रह रहे एक बांग्लादेशी दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इससे पहले भी भिलाई में पन्ना बीबी नाम की बांग्लादेशी महिला पकड़ी जा चुकी है।

कार्रवाई की प्रक्रिया:
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STF द्वारा पहचान के बाद संदिग्धों को 30 दिन में होल्डिंग सेंटर भेजा जाएगा।
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बायोमैट्रिक्स और पहचान पोर्टल (https://identification-mha-goc-in) पर डिटेल अपलोड की जाएगी।
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इंटरनेट न होने की स्थिति में ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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नफीस सॉफ्टवेयर का उपयोग बंद कर बायोमैट्रिक कैप्चर किया जाएगा।
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गिरफ्तारी की सूचना सीधे विदेश मंत्रालय को दी जाएगी।
सावधान रहें:
यदि आपने अनजाने में ऐसे घुसपैठियों को मकान किराए पर दिया है तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। नियमों की अनदेखी पर आपके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
