छत्तीसगढ़ में निकाय चुनाव बैलेट पेपर से होंगे

छत्तीसगढ़ में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि बैलेट पेपर का ही प्रयोग किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उम्मीदवारों की अधिक संख्या के चलते यह निर्णय लिया गया है।

पंचायत और निकाय चुनाव साथ होंगे
उप मुख्यमंत्री ने रायपुर में मीडिया से बातचीत में बताया कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ आयोजित किए जाएंगे। दोनों ही चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

आरक्षण और नई प्रक्रियाएं लागू
साव ने कहा कि सरकार ने इन चुनावों के लिए पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी थी। इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार आरक्षण पद्धति में बदलाव किया गया है। पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय किया गया है। इसके अलावा, महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, कई नए निकायों का गठन और नगर पंचायतों को नगर पालिकाओं में बदला गया है।

आरक्षण प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम
डिप्टी सीएम ने कहा कि नगरीय निकायों में 7 जनवरी तक महापौर और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को जानकारी भेजी जाएगी, जो चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।

मतदाता सूची और समय सीमा
साव ने बताया कि अब मतदाता सूची हर तीन महीने में अपडेट की जाएगी, ताकि नए मतदाताओं को अपने नाम जोड़ने में सहूलियत हो। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड परीक्षाएं मार्च में शुरू होने वाली हैं, इसलिए सभी चुनाव बोर्ड परीक्षाओं से पहले संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा।