छत्तीसगढ़ के इस जिले में सालों से लड़कियां हो रही गायब, माता पिता कर रहे जिंदा या मुर्दा लाने की मांग…

सरगुजा , 22 मई 2023 : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. यहाँ जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर ग्राम बिलासपुर में पिछले 7-8 सालों से करीब आधा दर्जन लड़कियां गांव से गायब हो चुकी हैं. लेकिन इनमें से एक का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला है.पुलिस और प्रशासन के हाथ अब तक पूरी तरह खाली हैं.

दरअसल ग्राम बिलासपुर के खांडसारी उद्योग से पिछले 7-8 सालों में आधा दर्जन से अधिक लड़कियां लापता हो चुकी हैं.जिनका आज तक न तो कोई सुराग मिला और न ही शासन-प्रशासन ने इसकी सुध ली.लापता लड़कियों के लाचार माता-पिता पुलिस, नेताओं और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन अभी तक एक भी लड़की के बारे में कुछ भी जानकारी हासिल नहीं हुई है.

गांव के ही रहने वाले मध्दिम साय प्रजापति की बेटी पिछले 6 सालों से लापता है.सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में लापता हुई अपनी बेटी को पाने के लिए उन्होने पुलिस थाने से लेकर कलेक्टर और नेताओं के बहुत चक्कर काटे..लेकिन आज तक बेटी का एक भी सुराग हाथ नहीं लगा.अपनी बेटी को जिंदा पाने की आस खो चुके मध्दिम साय अब प्रशासन से यही गुहार लगा रहे हैं कि जिंदा नहीं तो कम से कम वे उनकी बेटी को मुर्दा ही ला दें.

वहीं इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आस्था महंत का कहना है कि इस इलाके से लड़कियों के गायब होने की सबसे बड़ी वजह खांडसारी उद्योग में काम करने वाले लोग हैं. जो दूसरे राज्यों से यहां काम करने आते हैं और यहां की लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं और अपने साथ ले जाते हैं.

इधर इस मामले में सरगुजा एडिशनल एसपी विवेक शुक्ला का कहना है कि लापता लड़कियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है…साथ ही 3 बार छत्तीसगढ़ से बाहर टेक्निकल टीम की निशानदेही पर पुलिस टीम को तालाश करने भेजा चुका है.लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.फिर भी मामले की जांच जारी है.

बहरहाल गांव वालों का कहना है कि गांव में स्थापित खांडसारी उद्योग के संचालक के हौसले इतने बुलंद हो गये हैं कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस से उनकी शिकायत किये जाने पर उन्हें जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है…वहीं इतनी शिकायतों के बाद भी खांडसारी उद्योग का संचालक कानून के शिकंजे से आज भी काफी दूर है.अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन कब तक नींद से जागता है और गांव के लोगों को राहत मिलती है.