3 साल में 562 वन्यजीवों की मौत, 9 बाघ शामिल; हाथियों की सबसे ज्यादा मौत

रायपुर

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन वर्षों के दौरान 562 वन्यजीवों की मौत का मामला सामने आया है, जिसमें 9 बाघ भी शामिल हैं। यह आंकड़ा वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हाथियों की मौत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। बलरामपुर, सूरजपुर, धमतरी, रायगढ़ और कोरबा जैसे जिलों में हाथियों की मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, मानव-वन्यजीव संघर्ष, बिजली के तारों की चपेट, रेल दुर्घटनाएं और प्राकृतिक कारण इन मौतों के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। खासकर हाथियों के मामले में मानव गतिविधियों के विस्तार और जंगलों के सिकुड़ने का प्रभाव साफ दिखाई देता है।

वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।

हालांकि, लगातार बढ़ती घटनाएं यह संकेत देती हैं कि वन्यजीव संरक्षण के लिए और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। आने वाले समय में इस दिशा में ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया जा सकता है।